तेरी वीरानियों में…

तेरी वीरानियों में…

तेरी वीरनियो में आ जाऊ तो कहाँ जाऊ

रुक जाऊं… संभल जाऊं… ठहर जाऊं..

बता किधर जाऊं

उढ़ा के राख़ अरमानों की

में अपने शब्ज़ ख्वाबों में सो जाऊं

तेरी वीरानियों के साये से

अब बचके कहाँ जाऊं

~Sarver~ 😊

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तू सूरज था.. तू सूरज है..तू सूरज ही रहेगा तू

आज कुछ अपने टीचर्स के लिए….

तू सूरज था तू सूरज है तू सूरज है रहेगा तू ।

तू सूरज था तू सूरज है तू सूरज है रहेगा तू ।

भले ही छुपजा तू चंद पलो के लिए अँधेरे बादलों में ही सही ।

पर ये वादा है तेरा तुझसे तेरा सबसे..

की जबभी निकलेगा तू आफ़ताब में रौशनी ही तू लाएगा ।

क्योंकि…

तू सूरज था तू सूरज है तू सूरज है रहेगा तू ।

तू सूरज था तू सूरज है तू सूरज है रहेगा तू ।

~Sarver~

Image Credit : Pexel

लिखता गया…

मैं लिख पाता क्या लिखूँ

मुझे ये पता ही नहीं चला की में क्या लिखना चाहता था और क्या लिखने लग गया। बस मेरी उंगलिया यूँ ही लिखती गई और अल्फ़ाज़ बनते गए।

कुछ सोचा नही कुछ समझा नहीं बस लिखता गया लिखता गया।

कुछ रुक कर सोचा तो सोच भी न पाया की क्या लिखूँ बस लिखता गया लिखता गया।

अल्फ़ाज़ों की रूह को टटोलता फिरता रहा, में यूँ दर बदर फिरता रहा की कुछ मिल जाये तो जोड़ लूँ में अपने अल्फाज़ो के साये में

पर मिल न सका कुछ और लिखता गया लिखता गया।

ख्वाब कोई खो सा गया, राह में कुछ सो सा गया, रह गया कोई हमदम।

बस लिखता गया लिखता गया

~सरवर~ ☺

Image Credit : Pexels

में जोगी हूँ.. में जोगी हूँ.. (Hindi Poetry)

में जोगी हूँ.. में जोगी हूँ..
में मस्त पवन में उड़ जाऊँ..
में मस्त लहर में बह जाऊँ..

में जोगी हूँ.. में जोगी हूँ..

न राग द्वेष में बंधा हूँ में..
न चद्व वेश से सजा हूँ में..
मन चिंतल छिलमिल एक छाया..
में अपने करम का भोगी हूँ..

में जोगी हूँ… में जोगी हूँ..

राग स्वर सा बंधा नहीं..
कल कल बहता संगीत सा में..
न अमृत की कोई प्यास मुझे..
न यश की कोई आस मुझे..
में माया मोह से क्रोधित हूँ..

में जोगी हूँ.. में जोगी हूँ..

यूँ हूँ टूटा टूटा माटी सा..
झिलमिल झलकता तारों सा..
सूरज सा तेज में फेलाने को..
में बह रहा हूँ पानी सा..

में जोगी हूँ.. में जोगी हूँ..

में राग प्रेम के गाऊंगा..
में खुशहाली फेलाऊंगा..
में मस्त पवन में जाऊंगा..
चीख चीख चिल्लाऊंगा..

में जोगी हूँ.. में जोगी हूँ..

~सरवर अंसारी~ 🐝☺

Mein jogi hu . . mein jogi hu . .
Mein mast pawan mein udh jau. . Mein mast lehar mein beh jau. .

Mein jogi hu . . Mein jogi hu..

Na rag dwesh me bandha hu mein. . Na chadv vesh se saja hu mein. . Man cintal chilmil ek chaya. .
Mein Apne karm ka bhogi hu. .

Mein jogi hu . . Mein jogi hu. .

Rag swar se bandha nhi. .
Kal kal behta sangeet są mein. .
Na amrit ki koi pyas mujhe. .
Na yash ki koi aas mujhe. .
Mein maya moh se krodhit hu. .

Mein jogi hu. . Mein jogi hu. .

Yu hu toota toota maati sa. .
Jhilmil jhalakta taaro sa. .
Sooraj sa tej mein philane ko. .
Mein beh rha hu Pani sa. .

Mein jogi hu. . Mein jogi hu. .

Mein raag prem k gaunga. .
Mein khushhali philaunga. .
Mein mast pawan mein jaunga. Cheekh cheekh chillunga. .

Mein jogi hu. . Mein jogi hu..

~Sarver Ansari~ 🐝☺

क्या तुझे में प्यार करूँ ?(Hindi Poetry)

मेरा दिल❤ क्यों धड़कता है
क्या तुझे में प्यार 💋करूँ?

ये पल पल आंहे यूँ भरता है
क्या तुझे में प्यार 💋करूँ?

बता दे तू ज़रा मुझको
क्या तुझे में प्यार❤ करूँ?

ज़माना ये तो जाने ना
दीवाना भी तो, मुझको माने ना

फिर भी लगता है क्यों मुझको
जो लगता नही है पहले जैसा।
क्या तुझे में प्यार❤ करूँ?

तुझसे बात करना में चाहू
फिर भी बात न कर पाऊँ
अजब सी फिर दिल में बेचैनी
रह रह कर भी न रह पाऊँ
बताऊ कुछ छुपाऊ कुछ
फिर भी न में तुझ से कुछ छुपा पाऊँ

इधर जाऊं या उधर जाऊं
तेरे बाहो के साये को यूँ ढूँढू और में मचल जाऊं।
क्या तुझे में प्यार❤ करुँ?

सवालो के सवालो में
कुछ उलझा सा मैं खुद आपने ही सवालो में

मुझे मेरे सवालो से निकले तू
अपने जवाबों से निखारे तू

तू मुझमें ही बस जाये

क्या तुझे में प्यार❤ करूँ?

Love ❤ ~ Sarver ☺~

मोहब्बत है.. मोहब्बत है.. (Hindi Poetry)

चले जाओ चले जाओ
पर इतना दूर तू मत जाना

भुला जाना भुला जाना
पर इतना तू न भुला जाना

में तेरा हूँ तू मेरी है
ये जाना है तू ही है जाना

बस इतना सा समझ जाना
कुछ कहे न कहे ये दिल जाना।

न हमको है कुछ कहना
न तुमको है कुछ सुनना

बस तुम आते ही जाना
दिल में समाते ही जाना

तुम्हे जाना तो ये जाना
ये जाना ना जाना
मोहब्बत है ❤मोहब्बत है❤,

मोहब्बत❤ तू मिला जाना।

~(सरवर)~

Bada hi khoobsoorat hai, Bada hi khoobsoorat hai. . (Hindi Poetry)

Bada hi khoobsoorat hai, bada hi khoobsoorat hai. .

Mere har khyaal se bhi zada tera khyaal khoobsoorat hai. .

Ho baatein kaisi bhi , chahein seedhi chahein ulti. .
Har baaton se zada teri har baat khoobsoorat hai. .

Kabhi dekhein idhar nazrein, kabhi dekhein udhar nazrein. .
Mujhe dekhti hui teri har ek nigah khoobsoorat hai. .

Kabhi paaye, kabhi khoye, kabhi khokar kabhi paye. .
Bahut khuch khokar, mujhe pati hui teri har ek chah khoobsoorat hai. .

Na tu hoor hai koi, na tu pariyon si dikhti hai. .
Are chodo in sabki batein, mere liye tu in sabse khoobsoorat hai. .

Bada hi khoobsoorat hai, bada hi khoobsoorat hai. .

Mere har khayalon se bhi zada tera khyal khoobsoorat hai. . .

~>Sarver<~